मस्त विचार 1884

खुद की तलाश में क्युं दूर भटकता हूं,

खुद के अंदर झांकने में क्युं अटकता हूं,

बाँध के झूले भ्रम के क्युं लटकता हूं,

क्या वजह है जो मैं खुद को यू खटकता हूं..

मस्त विचार 1882

सब धन चाहते हैं, क्योंकि धन सुख लाता है,

लेकिन जिनके पास धन नही वो धनी को बुरा बोलते हैं.

इसलिए धन को सही या गलत पर निर्णय देना गलत है …. असली रोग “”जलन”” है.

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