मस्त विचार 1809

तुम्हारे पास हूँ लेकिन जो दूरी है, समझता हूँ.

तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है, समझता हूँ.

तुम्हें मैं भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नहीं लेकिन,

तुम्हीं को भूलना सबसे जरूरी है, समझता हूँ.

मस्त विचार 1805

कुछ चीजें समीप जाने पर बगैर मांगे मिल जाती है,

जैसे “बर्फ के पास शीतलता” “अग्नि के पास गरमाहट” और “गुलाब के पास सुगंध”.

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