मस्त विचार 4457
संभाल कर रखी हुई चीज़ और ध्यान से सुनी हुई बात,
कभी न कभी काम आ ही जाती है.
कभी न कभी काम आ ही जाती है.
जब आप उनको उन्हीं की तरह अनदेखा करना सीख जाओगे.
ऐ जिंदगी, तेरी महफ़िल के तमाशे ख़त्म नहीं होते..
आप मुझसे सिखिये कि जिन्दा रहकर हर ग़म को कैसे पीते हैं.
एक आपको तकलीफ देते हैं, एक आपको बदल देते हैं.
“उदास” लोगों को “हमदर्द” मिलते है “हमसफ़र” नहीं…!!