किसी को बांध कर रखना फितरत नहीं मेरी,
_ मैं स्नेह का धागा हूँ _ मजबूरी की जंजीर नहीं..!!
ज़िंदगी एक बेहद नाज़ुक धागे से बंधी है,
_इतना महीन कि अगली साँस भी उसकी मोहताज है.!!
_इतना महीन कि अगली साँस भी उसकी मोहताज है.!!
_ मैं स्नेह का धागा हूँ _ मजबूरी की जंजीर नहीं..!!