मस्त विचार 1735
कभी कभी रिश्तों की कीमत वो लोग समझा देते हैं,
जिनसे हमारा कोई रिश्ता ही नहीं होता है.
जिनसे हमारा कोई रिश्ता ही नहीं होता है.
जब अपनों के साथ दूरियां पैदा हो जाती हैं.
एक पुरानी तस्वीर में, देखा है आज खुद को.
जबकि बनाने और मनाने में पूरा जीवन लग जाता है.
निखरो फूलों की तरह और बिखरो “खुशबू की तरह”.
भरोसे पे शक है और अपने शक पे भरोसा है.