मस्त विचार 1789

तेरी रजा को समझ पाऊँ,

ये हुनर मुझमें नहीं है मेरे यार,

जिंदगी को आजमाने के बाद बस इतना जाना है,

कि तूने जो कुछ भी किया मेरे भले के लिए किया है.

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