मस्त विचार 1693

रास्ते कहां खत्म होते हैं, जिंदगी के सफर में.

मंजिल तो बस वहीँ हैं, जहाँ ख्वाहिशें थम जाएं.

मस्त विचार 1688

हम गायब होनेवालों में से नहीं, जहां- जहां से गुजरते हैं

जलवे दिखाते हैं…दोस्त तो क्या, दुश्मन भी याद रखते हैं.

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