मस्त विचार 1677

पानी फेर दो इन पन्नों पर, ताकि धूल जाए स्याही सारी,

जिन्दगी फिर से लिखने का मन होता है कभी- कभी.

मस्त विचार 1675

परेशानी का कोई पैमाना नहीं होता साहब,

कुछ लोग तो यही सोच कर परेशान रहते हैं,

ये सामने वाला इतना खुश क्यों है.

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