मस्त विचार 1696

थोड़ी सी इबादत बहुत सा सिला देती है,

गुलाब की तरह चेहरा खिला देती है,

*दोस्तों* की याद को दिल से जाने न देना,

कभी कभी छोटी सी दुआ अर्श हिला देती है.

मस्त विचार 1695

हर एक की सुनो और हर एक से सीखो,

क्योंकि हर कोई, सब कुछ नही जानता,

लेकिन हर एक कुछ ना कुछ ज़रुर जानता है.

error: Content is protected