मस्त विचार 1677
पानी फेर दो इन पन्नों पर, ताकि धूल जाए स्याही सारी,
जिन्दगी फिर से लिखने का मन होता है कभी- कभी.
जिन्दगी फिर से लिखने का मन होता है कभी- कभी.
वक़्त उनसे मनवा लेता है.
कुछ लोग तो यही सोच कर परेशान रहते हैं,
ये सामने वाला इतना खुश क्यों है.
कि दो कौड़ी के लोग खेल कर चले जाएं.
जो आपके आज को बर्बाद कर रही है.
उसे क्या मिटायेगी गर्दिश जमाने की.