मस्त विचार 1472

मुझे सता कर तुमको मिला क्या, निगाहें मोड़ कर तुमको मिला क्या.

अकेला मुझे छोड़ इस बेदर्द दुनिया में, तड़पता छोड़ कर तुमको मिला क्या.

मस्त विचार 1471

जो गुप्त रूप से किसी को सलाह देता है, वह उसे प्रसन्न और सुशोभित करता है, और

जो किसी को खुले तौर पर सलाह देता है वह उसे अपमानित और कलंकित करता है.

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