मस्त विचार 1610
लोग कहते हैं कि तुम्हारी आस्तीनो में सांप है,
मैं क्या करूं मेरा वजूद ही चंदन का है…!!
मैं क्या करूं मेरा वजूद ही चंदन का है…!!
यकीन आ जाता है की खुशियो का ताल्लुक दौलत से नहीं है.
ये गुण आपको अंतर्मन की दुकान से बिलकुल मुफ्त मिल जाएगा.
और इससे भी ज्यादा बुरा है झूठी उम्मीद का जिंदा रहना.
कांटो के मुसल्ले पे जैसे, गुलाब की नमाज हो जाए !!
रब राजी है जब तक मेरा,
मलंग की औकात नहीं, वो किसी से नाराज हो जाए !!
_ समय समय पर सबके भाव बढ़ जाते हैं..