मस्त विचार 1615

गलतियाँ करते हैं हम, सुधारता है वो,…

नादानीयाँ करते हैं हम, संवारता है वो…..

भूल जाते हैं हम उसे…….मगर याद हमे रखता है वो,….

वक्त नहीं कहके, टालते हैं हम…..मगर खुशीयां बरसाता है वो….

क्या कहूँ मेरे यार के बारे में….

सब कुछ देख कर भी सबको…….अपनी आशीष से नवाजता है वो…

मस्त विचार 1613

खुदा के हर फेसले पे खुश रहो”

क्यूंकि “खुदा वो नही देता जो आपको अच्छा लगता है”

बल्कि “खुदा वो देता हे जो आपके लिये अच्छा होता है”

मस्त विचार 1612

दाग तेरे दामन के धुले ना धुले,

नेकी तेरी कहीं तुला पर तुले ना तुले,

मांग ले अपनी गलतियो की माफी खुद से,

क्या पता आँख कल ये खुले ना खुले.

मस्त विचार 1611

दुनिया एक तमाशा है आशा और निराशा है,

थोड़े फूल हैं काँटे हैं जो तक़दीर ने बाँटे हैं,

अपना-अपना हिस्सा है अपना-अपना किस्सा है,

कोई लुट जाता है कोई लूट जाता है,

शीशा हो या दिल हो आख़िर टूट जाता है.

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