मस्त विचार 1614
वक़्त के साथ बदलने का हुनर तो हर कोई रखता है,
मज़ा तो तब है, वक़्त बदल जाए पर इंसान न बदले.
मज़ा तो तब है, वक़्त बदल जाए पर इंसान न बदले.
क्यूंकि “खुदा वो नही देता जो आपको अच्छा लगता है”
बल्कि “खुदा वो देता हे जो आपके लिये अच्छा होता है”
नेकी तेरी कहीं तुला पर तुले ना तुले,
मांग ले अपनी गलतियो की माफी खुद से,
क्या पता आँख कल ये खुले ना खुले.
थोड़े फूल हैं काँटे हैं जो तक़दीर ने बाँटे हैं,
अपना-अपना हिस्सा है अपना-अपना किस्सा है,
कोई लुट जाता है कोई लूट जाता है,
शीशा हो या दिल हो आख़िर टूट जाता है.
_ मैं क्या करूं मेरा वजूद ही चंदन का है…!!
यकीन आ जाता है की खुशियो का ताल्लुक दौलत से नहीं है.