मस्त विचार 1587
खुशियाँ कम और अरमान बहुत हैं,
जिसे भी देखो परेशान बहुत है.
जिसे भी देखो परेशान बहुत है.
खुदगर्ज तो जुबां है, जिसे सिर्फ मीठा पसंद है.
उस पर कमाल ये है, कि दिखता नहीं मदारी.
और जितनी बडी तकलीफें होगी उतनी बड़ी कामयाबी होगी.
बुरा मैं उतना भी नहीं __ जितना तूने बतलाया !!!
जिसमे कोई अंगारा भी फेंके तो खुद बख़ुद ठंडा हो जाए.