मस्त विचार 1658

तमन्ना फिर मचल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ

यह मौसम ही बदल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ

मुझे गम है कि मैने जिन्दगी में कुछ नहीं पाया

ये ग़म दिल से निकल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ

नहीं मिलते हो मुझसे तुम तो सब हमदर्द हैं मेरे

ज़माना मुझसे जल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ

ये दुनिया भर के झगड़े, घर के किस्से, काम की बातें

बला हर एक टल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

मस्त विचार 1656

क्या सिर्फ सपने ही तू बुनेगा.

जाग जा अब तो फिर कब जागेगा.

जीवन यूँ ही गुजर जाएगा, पड़ा पछताता रह जाएगा.

मस्त विचार 1654

जिन्दगी का बहुत बडा रहस्य ये है की हम जानते हैं हम किसके लिए जी रहे हैं,

लेकिन ये कभी नहीं जान पाते की हमारे लिए कौन जी रहा है !!

मस्त विचार 1653

हौसले जिनके चट्टान हुआ करते हैं,

रास्ते उनके ही आसान हुआ करते हैं,

ए नादान न घबरा इन परेशानियों से,

ये तो पल भर के मेहमान हुआ करते हैं..

error: Content is protected