मस्त विचार 1557
एक ही समानता है पतंग और जिंदगी में,
_ ऊंचाई में हो तब तक ही वाह- वाह होती है.
मैं समानता और समता के मूल सिद्धांत का पालन करता हूं,
_ मैं ज़्यादा पढ़ा हूं, महज इतने से मैं श्रेष्ठ हो गया ..ऐसा मुझे नहीं लगता..!!
_ ऊंचाई में हो तब तक ही वाह- वाह होती है.
_ मैं ज़्यादा पढ़ा हूं, महज इतने से मैं श्रेष्ठ हो गया ..ऐसा मुझे नहीं लगता..!!
_ उस ” सलाह ” पर काम करना, जो आप दूसरों को देते हैं !!
जो संकट में साथ दे…वो सबसे अनमोल.
ये एक झूठ है.!!
जिंदगी तो हमे रोजाना मिलती है.
मौत ही सिर्फ एक बार मिलती है!
तमन्ना है मेरे किरदार से खुशबू आये.
आदमी का खुद का गम क्या कम होता है.