मस्त विचार 4041
इश्क इबादत की रात थी,
तेरे दर पर अश्क बहाते रहे हम,
तेरे हैं हम तेरे हैं हम,
बस यही गाते रहे हम..
तेरे दर पर अश्क बहाते रहे हम,
तेरे हैं हम तेरे हैं हम,
बस यही गाते रहे हम..
_ तो उगता हुआ सूरज भी डूबता हुआ दिखता है..
_ और आसान करने के लिए समझना पड़ता है..
_ तभी पाने की क़ीमत समझ आती है..!!
_ उनके जीवन में सदैव भव्यता होती है.
_ किसी के दिल को लग जाए वो बात न कहना,
_ मिलते हैं हमारे जैसे लोग बहुत कम, इसलिए हमेशा कभी अलविदा न कहना.