मस्त विचार 1609
मैं जब किसी गरीब को हँसते हुए देखता हूँ तो,
यकीन आ जाता है की खुशियो का ताल्लुक दौलत से नहीं है.
यकीन आ जाता है की खुशियो का ताल्लुक दौलत से नहीं है.
ये गुण आपको अंतर्मन की दुकान से बिलकुल मुफ्त मिल जाएगा.
और इससे भी ज्यादा बुरा है झूठी उम्मीद का जिंदा रहना.
कांटो के मुसल्ले पे जैसे, गुलाब की नमाज हो जाए !!
रब राजी है जब तक मेरा,
मलंग की औकात नहीं, वो किसी से नाराज हो जाए !!
_ समय समय पर सबके भाव बढ़ जाते हैं..
मुस्कुराते होठों पर कभी गाली नही होती…
जो बन्दा झुक जाए तेरे द्वारे जाके…
उसकी झोली कभी खाली नही होती.!!