मस्त विचार 1526
गमों का दौर भी आए तो…, मुश्कुरा कर जियो..!”
मस्त विचार 1525
सब बड़े ये तय तो कर लें, सब से बड़ा कौन है…!!!
मस्त विचार 1524
जिंदगी भर ये तकरार किस के लिए
जो भी आया हैं वो जायेगा एक दिन
फिर ये इतना अंहकार किसके लिए.
मस्त विचार 1523
बल्कि इसलिए की हम शुक्रगुजार हैं, जो कुछ हमारे पास है.
_जब आपने उन चीज़ों के लिए प्रार्थना की थी.. _ जो अब आपके पास हैं.
Remember the days you prayed for the things you have now.
मस्त विचार 1522
तुम इस जड़ को शब्द दो,
और ये तुमसे प्यार न करती हो, ये कैसे हो.
तुम इस मन को सुख दो, तुम इस मन को विश्वास दो,
तुम इस मन को राह दो,
ये तुम्हे प्यार न करता हो, ये कैसे हो.
तुम इस बुद्धि को समझ दो, तुम इस बुद्धि को ज्ञान दो,
तुम इस बुद्धि को कल्पनाएं दो,
ये तुम्हे प्यार न करती हो, ये कैसे हो.
बस इसी प्यार के सहारे ये जड़ मन बुद्धि जीवित है.
आपके ही तो सहारे हम इस मुश्किल राह पर चलने के लिए प्रेरित हैं.
इसीलिए तो आ जाते हैं हम आपके बुलाने पर.
तुम इस जड़ को प्राण दो, तुम इस जड़ को धड़कन दो,





