मस्त विचार 1533
उन जख्मों को भरने में वक्त लगता है,
जिनमें शामिल हों अपनों की मेहरबानियां.
जिनमें शामिल हों अपनों की मेहरबानियां.
तब से जिंदगी ने परीक्षा लेना शुरु कर दिया है.
कर जो लिया था मशवरा, इक रोज़ अपनों के साथ.
और पैसे की जुबान बोलो तो आ कर घेर लेते हैं.
एक बार उसके हालात समझने की कोशिश जरूर करें.
_ इससे आप अपने कार्यों में अवश्य विजय हासिल करोगे ..