मस्त विचार 1346
वक्त ने माफ किया नहीं उनको जिन्होंने असहायों से दिल्लगी की है,
किसी शख्स के जख्म पर मरहम किया है, यदि तूने तो, खुदा की बंदगी की है.
एक इंसान जाते जाते किसी दूसरे को कितना खाली कर जाता है ना..!
_ उसके पास से उसका सब समेट कर.. उसे बिल्कुल असहाय छोड़ के चल देता है..!!





