मस्त विचार 1280
जीवन में आधा दुःखः गलत लोगों से उम्मीद रखने से आता है.
और बाकी का आधा दुःख सच्चे लोगों पर शक करने से आता है.
और बाकी का आधा दुःख सच्चे लोगों पर शक करने से आता है.
जो हर स्थिति में खुश रहना जानते हैं.
परंतु न दुःख दो न दुःख लो.
कश्ती हदे तूफां से निकल सकती है,
मायूस न हो, इरादे न बदल.
तकदीर किसी भी वक़्त बदल सकती है.
आपस के प्रेम के स्त्रोत उतने ही अधिक होंगे.