मस्त विचार 1444
मेरे अच्छे वक्त ने दुनिया को बताया कि मैं कैसा हूँ
और मेरे बुरे वक्त ने मुझे बताया है कि दुनिया कैसी है.
और मेरे बुरे वक्त ने मुझे बताया है कि दुनिया कैसी है.
मेरी तलाश का भी तो, ज़रिया बदल गया..
ना शक्ल ही बदली, न ही बदला मेरा किरदार.
बस लोगों के देखने का नज़रिया बदल गया..
हम जिस दीये के दम पे बगावत पे उतर आये.,
सोहबत मे अँधेरे के, वो दिया बदल गया..
ईमान, अदब, इल्म, हया, कुछ भी नहीँ कायम.,
मत पूछिये इस दौर मे क्या क्या बदल गया..
हमारे पास तो केवल आज है, चलो शुरुआत करते हैं.
_ सामान्य जीवन का एक बड़ा हिस्सा होने से कहीं अधिक मूल्यवान है.
कम से कम अच्छे होने का, वे दिखावा तो नहीं करते.
तुम्हारी तरह से कुछ होता तो, मेरा हाल क्या होता।