मस्त विचार 1257
कोई तो है मेरे अंदर, मुझ को संभाले हुए.
कि बेकरार होकर भी, अब तक बरक़रार हूं मैं.
कि बेकरार होकर भी, अब तक बरक़रार हूं मैं.
और वो डूबते डूबते भी तर गए, जिन पर तू मेहरबान था.
कान भरने वालो की नही.
चींटी धीमी गति से तो शेर छलांग लगा कर.
कभी किसी बात पर निराश मत होना,
ये जिंदगी एक संघर्ष है चलती ही रहेगी,
कभी अपने जीने का अंदाज मत खोना.
वह हो सकता है कि हमारे पास ही हो.