मस्त विचार 1447

फासले बढ़ते हैं तो, गलतफहमियाँ भी बढ़ती हैं,

फिर वो भी सुनाई देने लगता हैं जो,कभी कहा ही नहीं..

मस्त विचार 1444

मेरे अच्छे वक्त ने दुनिया को बताया कि मैं कैसा हूँ

और मेरे बुरे वक्त ने मुझे बताया है कि दुनिया कैसी है.

मस्त विचार 1443

कश्ती है पुरानी, मगर दरिया बदल गया.

मेरी तलाश का भी तो, ज़रिया बदल गया..

ना शक्ल ही बदली, न ही बदला मेरा किरदार.

बस लोगों के देखने का नज़रिया बदल गया..

हम जिस दीये के दम पे बगावत पे उतर आये.,

सोहबत मे अँधेरे के, वो दिया बदल गया..

ईमान, अदब, इल्म, हया, कुछ भी नहीँ कायम.,

मत पूछिये इस दौर मे क्या क्या बदल गया..

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