मस्त विचार 1239
जो कभी हंस के मिलते थे, वो अब इल्जाम देते हैं.
वक़्त की बात है, लोग बदले गिन- गिन कर लेते हैं.
वक़्त की बात है, लोग बदले गिन- गिन कर लेते हैं.
असफलता स्वीकार न की जाए.
कहने के बाद लगता है, यह वह नहीं, जो मै कहना चाहता था.
जिसे लोग कहते हैं कि तुम इसे नहीं कर सकते.
..तुम्हारे इस अहसान का बार-बार शुक्रिया.
जो वर्षों बीत जाने के बाद भी, वहीं से
शुरू हो, जँहा ये कभी रुक सा गया,
कंही खो सा गया था.