मस्त विचार 1227
गुनहगारों की आँखों में झूठे ग़ुरूर होते हैं…
शर्मिन्दा तो यहाँ सिर्फ़ बेक़सूर होते हैं…
शर्मिन्दा तो यहाँ सिर्फ़ बेक़सूर होते हैं…
हँसे और हँसाये, मस्ती में रहे और मस्ती को बाँटें – ” उन्हें जीना आ गया.”
और अगर जीना है तो आगे देखो.
तो परिवर्तन की यह आदत है कि वह बिना बुलाए ही
आ जाता है और सारा मामला गड़बड़ा देता है.
कुछ परफेक्ट लम्हें जिंदगी को खूबसूरत बनाते हैं.
यह सीखना भी जरुरी है कि आसानी से मिलने वाले लाभ को कैसे छोड़ा जाए.