मस्त विचार 1227

गुनहगारों की आँखों में झूठे ग़ुरूर होते हैं…

शर्मिन्दा तो यहाँ सिर्फ़ बेक़सूर होते हैं…

मस्त विचार 1226

दुनिया के ग़मों को पीकर जो उदास न हो,

हँसे और हँसाये, मस्ती में रहे और मस्ती को बाँटें – ” उन्हें जीना आ गया.”

मस्त विचार 1224

अगर हम वक़्त पर अक्लमंदी के साथ परिवर्तन नहीं करते,

तो परिवर्तन की यह आदत है कि वह बिना बुलाए ही

आ जाता है और सारा मामला गड़बड़ा देता है.

मस्त विचार 1222

यह जानने के बाद कि एक अच्छे मौके का लाभ कैसे उठाया जाए,

यह सीखना भी जरुरी है कि आसानी से मिलने वाले लाभ को कैसे छोड़ा जाए.

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