मस्त विचार 4504

खोकर पाने का मज़ा ही कुछ और है,

रो कर मुस्कुराने का मज़ा ही कुछ और है,

हार तो ज़िंदगी का हिस्सा है मेरे दोस्त,

क्यूँकि हार कर जीत जाने का मज़ा ही कुछ और है.

मस्त विचार 4503

समझौता मंजूर नहीं है, मजबूरी है सबकी..!!
“समझौतों का ज़माना खत्म हुआ..

_अब लोग समझौते नहीं करते, अपनी मर्ज़ी का जीवन जीते हैं.”

मस्त विचार 4502

मैं लोगों से बहुत दूरियां बनाकर रखता हूँ,

क्योंकि पहले बहुत पास आते हैं बाद में बहुत दर्द देकर जाते हैं.

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