मस्त विचार 4437
खामोशी से हर बात मान लेना,
ये भी एक अंदाज़ होता है नाराज़ होने का..
ये भी एक अंदाज़ होता है नाराज़ होने का..
बुरा नहीं हूं मैं, बस अपनों की मेहरबानी है.
गुजरी हुई बहार की एक यादगार हूँ.
इस दौर में जीने की सज़ा कम तो नहीं है.
तब ही से दूर बैठा हूं सब से…
हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की.