मस्त विचार 1349

क्या जाने अगला पल हमको

किस मंजिल तक लेकर जाए

हँसी खुशी की सौगातें दे

या जीभरकर हमें रुलाए

अतः नहीं अच्छा है बिल्कुल

जग में नफरत के विष बोना

नहीं चाहिए कि हम कलुषित

रखें मन का कोई कोना

रहना है तो रहो प्रेम से

नहीं किसी से नफरत करना

करना है यदि प्यार किसी से

समझो अपने से ही करना!

 

मस्त विचार 1346

वक्त ने माफ किया नहीं उनको जिन्होंने असहायों से दिल्लगी की है,

किसी शख्स के जख्म पर मरहम किया है, यदि तूने तो, खुदा की बंदगी की है.

एक इंसान जाते जाते किसी दूसरे को कितना खाली कर जाता है ना..!

_ उसके पास से उसका सब समेट कर.. उसे बिल्कुल असहाय छोड़ के चल देता है..!!

मस्त विचार 1345

अगर आपको देखना ही है तो, हर एक की विशेषतायें देखिये.

अगर आपको छोडना ही है, तो अपनी कमजोरियाँ छोड़िये.

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