मस्त विचार 4332

जीवन उतना भी गम्भीर नहीं है, जितना हमारा दिमाग इसे बना देता है..
कचरा घर का हो या दिमाग का, यहां वहां नहीं फेंकना चाहिए.!!
मकड़ी जैसे मतउलझो.. तुम गम के ताने बाने में..
_ तितली जैसे रंग बिखेरो.. हँस कर इस ज़माने में..!!
ये दिमाग बड़ा भोला है, इसे जो कहानी सुनाओगे, ये उसे ही सच मान लेगा ;

_ इसे कमज़ोरी नहीं, बल्कि उम्मीद और जुनून की खुराक दो, फिर अपनी ज़िंदगी में असली बदलाव देखो.!!

मस्त विचार 4330

सब फूल लेकर गए मैं काँटे ही उठा लाया,

पड़े रहते तो किसी के पांव में जख्म दे जाते.

अगला क़दम उठाने के लिए ज़रूरी है पीछे वाला पांव उठाया जाए..

_ ख़ुद को बंधन मुक्त कीजिये.. ज़िंदगी आपकी है फैसला भी आपका ही होगा.!!

मुरझाये हुए फूल में पानी डालना बंद करो ; वो खिलेगा नहीं, सिर्फ़ सड़ेगा,

_ अपनी ऊर्जा वहां लगाओ.. जहाँ उसकी सच में कोई कीमत हो.!!

मस्त विचार 4329

ख्वाहिश यही है कि जब मैं तुझे याद करूँ, तू मुझे महसूस करे..
“हम जीते जी क्या ऐसा कर रहे हैं कि हमारी गैरमौजूदगी महसूस की जाए ?”

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