मस्त विचार 1120
अन्जान अपने आप से वो शख्स रह गया…
उम्र गुजार दी जिसने, औरों की फ़िक्र में…….
उम्र गुजार दी जिसने, औरों की फ़िक्र में…….
हर आग से वाकिफ हूँ, जलना मुझे आता है.
इसीलिए ज़िन्दगी में विवाद है..
आंख बंद करके भी अपनी हकीकत जानी जा सकती हैं.
जिसमे इन्सान को इन्सान बनाया जाये.
पर जब आप दूसरों के लिए जीना सीख लेते हैं
तो वे आपके लिए जीते हैं.