मस्त विचार 1172
वो दिन, कितने दिन अपने साथ रहे.
ये दिन, अपने साथ रहेंगे कितने दिन.
ये दिन, अपने साथ रहेंगे कितने दिन.
छलक जाता है पानी, कायदा है ओछे बर्तन का…
गलती तो मेरी थी जो मैने तुझे मौका दिया…..!!
जो मिला है उसे, संभाल कर रखिये.
परन्तु पहली चोट भी व्यर्थ नहीं जाती.
हर एक काम को मैंने खुदा पे छोड़ दिया,
वो मुझे याद रखे या भुला दे,
उसी का काम था उसी की रजा पे छोड़ दिया,
उसी की मर्जी बुझा दे या जला दे,
चिराग मैंने जला के हवा पे छोड़ दिया.