मस्त विचार 1283
दो दर्जों में बँट कर रह गया है आदमी,
यह काम का बंदा है यह काम का नहीं.
यह काम का बंदा है यह काम का नहीं.
दुसरों को नीचा दिखाना छोड़ दो.
आप सुविधा को गलती से सुख समझ रहे हैं.
और बाकी का आधा दुःख सच्चे लोगों पर शक करने से आता है.
जो हर स्थिति में खुश रहना जानते हैं.
परंतु न दुःख दो न दुःख लो.