मस्त विचार 1370
हम जी नहीं पाएंगे आप के बिना,
लोग कह भी लेते हैं और जी भी लेते हैं.
लोग कह भी लेते हैं और जी भी लेते हैं.
कि वह अपना बुरा कभी नहीं चाहता.
क्योंकि उम्मीद ही नहीं करता मैं ज्यादा खुशी की.
करी जब आस तो केवल मिला उपहास लोगों से.
जो अपने सामने सबको बहुत छोटा समझतें हैं,
नहीं करनी मुलाकातें मुझे उन ख़ास लोगों से.
जरुरी नहीं सबकी किस्मत में चुप कराने वाले हों.
जिन घड़ियों में हँस सकते हैं, उन घड़ियों में रोयें क्यूँ.