मस्त विचार 1367

न करनी है न करता हूँ मै कोई आस लोगों से,

करी जब आस तो केवल मिला उपहास लोगों से.

जो अपने सामने सबको बहुत छोटा समझतें हैं,

नहीं करनी मुलाकातें मुझे उन ख़ास लोगों से.

मस्त विचार 1365

कल किसने देखा है, आज का दिन भी खोये क्यूँ.

जिन घड़ियों में हँस सकते हैं, उन घड़ियों में रोयें क्यूँ.

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