मस्त विचार 1289

ऐसे जियो के अपने आप को पसंद आ जाओ.

दुनिया वालो का क्या है,

उनकी पसंद तो पल भर में बदल जाती है.

मस्त विचार 1287

करोड़ों की भीड़ में “इतिहास” मुठ्ठी भर लोग ही बनाते हैं,

वही रचते हैं “इतिहास” जो आलोचना से नहीं घबराते हैं…

मस्त विचार 1286

अगर तेरा सहारा न होता,

तो सुन्दर संसार हमारा न होता.

तुफानो की तबाही में गुम हो जाते,

अगर सर पे हाथ तुम्हारा न होता.

मस्त विचार 1285

बाद, बहुत बाद में समझ आया,

किसी एक सपने के सच होने में

किसी दूसरे सपने का, टूट जाना भी छिपा रहता है.

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