मस्त विचार 1073
करनी मुझे खुदा से एक फरयाद बाकी है,
कहनी मुझे उनसे एक बात बाकि है,
मौत भी अगर आ जाये तो मैं कह दूंगा ज़रा रूक,
अभी मेरे यार से एक मुलाकात बाकी है.
कहनी मुझे उनसे एक बात बाकि है,
मौत भी अगर आ जाये तो मैं कह दूंगा ज़रा रूक,
अभी मेरे यार से एक मुलाकात बाकी है.
तो हमारे ग़मों को किसी की नजर आखिर क्यों नहीं लगती ???
है कोई जवाब ?
तो फिर देखना फिजूल है कद आसमान का.
_ पर सच कहता हूँ मुझमे कोई फरेब नहीं है.
फरेब से घाव नहीं, _ तजुर्बे लिया करो !!!
क्योंकि उन्हे भरोसा था कि मै मुसीबतो से अकेले ही निपट सकता हूँ.
ना, नाराज़ है…………….ज़िन्दगी..,
बस जो है….वो आज है………..ज़िन्दगी.!!!