मस्त विचार 1248
तारीफ़ अपने आप की, करना फ़िज़ूल है,
ख़ुशबू तो ख़ुद ही बता देती है, कौन सा फ़ूल है.
ख़ुशबू तो ख़ुद ही बता देती है, कौन सा फ़ूल है.
तुझसे मिलते ही खिल जाऊंगा.
तू जो न मिला तो मर जाऊंगा.
तेरे मिलने की आस भर से
मर कर भी जी जाऊंगा.
बेवजह अपनों को भी रुला देते हैं,
जो चिराग रात भर रोशनी देता है,
सुबह होते ही लोग उसे भी बुझा देते है.
लेकिन आज चीजों से प्यार करते हैं और आदमी का इस्तेमाल.
वक़्त ने मेरे हालात बदल डाले.
मैं तो आज भी वहीँ हूँ जो मैं कल था.
बस मेरे लिए लोगों ने अपने ख़यालात बदल डाले.
किसी निराश व्यक्ति की आखों में भी चमक आ जाए.