मस्त विचार 1067

इंसान को कुछ भी पाना है तो उसे प्रयास करना होगा,

दूसरों पर आश्रय उस की स्वयं की सत्ता को सोख लेता है.

मस्त विचार 1066

“नमस्ते” प्रशंसा का एक हल्का- सा स्वरुप है,

अतः उत्तम प्रभाव डालने के लिए यह एक सहज उपाय है.

मस्त विचार 1065

“ज़िन्दगी में सारा झगड़ा ही, ख्वाहिशों का है..

ना तो किसी को ग़म चाहिए और ना ही किसी को कम चाहिए…”

मस्त विचार 1063

दीपक तो अँधेरे में जला करते हैं,

फूल तो काँटों में भी खिला करते हैं,

थक कर ना बैठ ऐ मंजिल के मुसाफिर,

हीरे अक्सर कोयले में ही मिला करते हैं.

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