मस्त विचार 1055
अंधेरा वहां नहीं जहां तन गरीब है,
अंधेरा वहां है जहां मन गरीब है.
अंधेरा वहां है जहां मन गरीब है.
तकदीर पर भरोसा कुछ ज्यादा न करो.
नातों में कुछ सरसराहट बाँट यार.
नीरस हो चली है जिंदगी बहुत,
थोडी सी इसमें शरारत बाँट यार.
जीने का अंदाज जाने कहाँ खो गया,
नफ़रत छोड प्यार मोहब्बत बाँट यार.
कि वो हमें इग्नोर करने लग जाए………..
मगर जिंदा रहने के लिए कुछ गलतफहमियां जरूरी है…
इक कदम पे शह है इक कदम पे मात है..