मस्त विचार 1247
तेरे बिना बिखर जाऊंगा.
तुझसे मिलते ही खिल जाऊंगा.
तू जो न मिला तो मर जाऊंगा.
तेरे मिलने की आस भर से
मर कर भी जी जाऊंगा.
तुझसे मिलते ही खिल जाऊंगा.
तू जो न मिला तो मर जाऊंगा.
तेरे मिलने की आस भर से
मर कर भी जी जाऊंगा.
बेवजह अपनों को भी रुला देते हैं,
जो चिराग रात भर रोशनी देता है,
सुबह होते ही लोग उसे भी बुझा देते है.
लेकिन आज चीजों से प्यार करते हैं और आदमी का इस्तेमाल.
वक़्त ने मेरे हालात बदल डाले.
मैं तो आज भी वहीँ हूँ जो मैं कल था.
बस मेरे लिए लोगों ने अपने ख़यालात बदल डाले.
किसी निराश व्यक्ति की आखों में भी चमक आ जाए.
रास्ते की ठोकरों से भी जब मैं गिरा नही…