मस्त विचार 1002
….. फिर भी बाज नहीं आते लोग बुरा सा मुंह बनाने में…….!!
….. फिर भी बाज नहीं आते लोग बुरा सा मुंह बनाने में…….!!
यूँ भी वाह- वाह है, त्यूँ भी वाह- वाह है.
जिन्दगी तो युं ही चलती रहती है… पर कुछ अलग हो जाये तो … “क्या बात है” नही सबुत हमारे रंगो का…
पर कोई इंद्रधनुष बना जाये तो…
“क्या बात है”
नही कहना किसी से कुछ…
पर बिना कहे हीं कोई समझ जाये तो…
“क्या बात है”
अलग-अलग चहेरो की है ये दुनिया…
पर कोई युं ही हसा जाये तो…
“क्या बात है”
जिन्दगी प्यार का दुसरा नाम है…
पर “तुम्ही प्रेम हो ” कोई कह जाये तो…
“क्या बात है”
जीते तो है सभी अपने लिये पर…
कोई दुसरो के लिये जी जाये तो…
“क्या बात है”
वैसे तो कुछ लिखना आता नही हमे…
पर युं ही कुछ लिख डाले और…
आप को पसंद आ जाये तो कहना ……कि
“क्या बात है”
पानी आकाश से गिरे तो…..बारिश, आकाश की ओर उठे तो…..भाप, अगर जम कर गिरे तो…..ओले, अगर गिर कर जमे तो…..बर्फ, फूल पर हो तो…..ओस, फूल से निकले तो…..इत्र, जमा हो जाए तो…..झील, बहने लगे तो…..नदी, सीमाओं में रहे तो…..जीवन, सीमाएं तोड़ दे तो…..प्रलय, आंख से निकले तो…..आंसू, और शरीर से निकले तो…..पसीना.
_ पत्थरों से टकराकर पानी और उफान के साथ बहता है..!!
ख्यालों और साँसों का हिसाब है ज़िन्दगी …. कुछ जरूरतें पूरी ,कुछ ख्वाहिशें अधूरी, इन्हीं सवालों का जवाब है ज़िन्दगी …..
पर ‘चमकता’ वही है जो.., ‘तराशने’ की हद से ‘गुज़रता है’..