मस्त विचार 1053

हो सके तो मुस्कुराहट बाँट यार,

नातों में कुछ सरसराहट बाँट यार.

नीरस हो चली है जिंदगी बहुत,

थोडी सी इसमें शरारत बाँट यार.

जीने का अंदाज जाने कहाँ खो गया,

नफ़रत छोड प्यार मोहब्बत बाँट यार.

मस्त विचार 1051

मुझे मालूम है कि ये ख्वाब झूठे हैं और ख्वाहिशें अधूरी हैं…

मगर जिंदा रहने के लिए कुछ गलतफहमियां जरूरी है…

मस्त विचार 1049

वक़्त हँसाता है वक़्त रुलाता है

वक़्त ही बहुत कुछ सीखाता है!

वक़्त की कीमत जो पहचान ले

वही मंज़िल को पाता है,

खो देता है जो वक़्त को जीवन भर पछताता है.

क्यों कि गुजरा हुआ वक़्त कभी लौटकर नहीं आता है.

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