मस्त विचार 1002

सौ गुना बढ़ जाती है खूबसूरती महज मुस्कुराने से ….

….. फिर भी बाज नहीं आते लोग बुरा सा मुंह बनाने में…….!!

मस्त विचार – ” क्या बात है ” – 1000

“क्या बात है”

जिन्दगी तो युं ही चलती रहती है…

पर कुछ अलग हो जाये तो …

“क्या बात है”

नही सबुत हमारे रंगो का…

पर कोई इंद्रधनुष बना जाये तो…

“क्या बात है”

नही कहना किसी से कुछ…

पर बिना कहे हीं कोई समझ जाये तो…

“क्या बात है”

अलग-अलग चहेरो की है ये दुनिया…

पर कोई युं ही हसा जाये तो…

“क्या बात है”

जिन्दगी प्यार का दुसरा नाम है…

पर “तुम्ही प्रेम हो ” कोई कह जाये तो…

“क्या बात है”

जीते तो है सभी अपने लिये पर…

कोई दुसरो के लिये जी जाये तो…

“क्या बात है”

वैसे तो कुछ लिखना आता नही हमे…

पर युं ही कुछ लिख डाले और…

आप को पसंद आ जाये तो कहना ……कि

“क्या बात है”

मस्त विचार – पानी तेरे कितने नाम… – 999

 पानी तेरे कितने नाम…..

पानी आकाश से गिरे तो…..बारिश,

आकाश की ओर उठे तो…..भाप,

अगर जम कर गिरे तो…..ओले,

अगर गिर कर जमे तो…..बर्फ,

फूल पर हो तो…..ओस,

फूल से निकले तो…..इत्र,

जमा हो जाए तो…..झील,

बहने लगे तो…..नदी,

सीमाओं में रहे तो…..जीवन,

सीमाएं तोड़ दे तो…..प्रलय,

आंख से निकले तो…..आंसू,

और शरीर से निकले तो…..पसीना.

ये पत्थर पानी का रास्ता रोकने आए हैं, उन्हें इसका अंदाज़ा नहीं है.

_ पत्थरों से टकराकर पानी और उफान के साथ बहता है..!!

पानी वो है जो सब कुछ छोड़कर, भुलाकर फिर से अपनी रौ में बहने लगता है और फिर से सब ओर हरियाली – खुशहाली बिखेरने लगता है.!!
जब ब्रूस ली ने कहा – पानी की तरह बनो.

_ यह वही हाँ है.. “पानी चट्टान का विरोध नहीं करता”
_ यह उसके चारों ओर बहता है, उसे आकार देता है, उसे गले लगाता है – और आगे बढ़ता है.!!

मस्त विचार 998

लम्हों की खुली किताब है ज़िन्दगी,

ख्यालों और साँसों का हिसाब है ज़िन्दगी ….

कुछ जरूरतें पूरी ,कुछ ख्वाहिशें अधूरी,

इन्हीं सवालों का जवाब है ज़िन्दगी …..

मस्त विचार 997

‘नायाब हीरा’ बनाया है.., रब ने हर किसी को…,

पर ‘चमकता’ वही है जो.., ‘तराशने’ की हद से ‘गुज़रता है’.. 

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