| Aug 18, 2016 | मस्त विचार
मैं लोगों से मुलाक़ातों के.,…..लम्हे याद रखता हूँ.
मैं बातें भूल भी जाऊँ.,…..तो लहजे याद रखता हूँ.
सा-री-महफ़िल निगाहें मुझ पे.,…..जिन लोगों की पड़ती हैं.,
…निगाहों के हवाले से वो चेहरे हमेशा याद रखता हूँ
ज़रा सा हट के चलता हूँ .,……..ज़माने की रवायात से
के जिन पे बोझ मैं डालूं ……”वो कंधे याद रखता हूँ “
| Aug 17, 2016 | मस्त विचार
किसी से नाराज हो जाओ तो बस इतने
फासले पर ही होना जो –
एक कदम…
एक स्पर्श….
एक मुस्कुराहट…
एक आंसू…..
एक शब्द से सब कुछ
भूल कर वापस सम्बन्ध सोहाद्र-पूर्ण हो जाए।
| Aug 16, 2016 | मस्त विचार
न इतराइए, देर लगती है क्या
जमाने को करवटें बदलते हुए.
| Aug 15, 2016 | मस्त विचार
बस तू जरा कोशिश तो कर
मुश्किल नहीं है कुछ दुनिया में, तू जरा हिम्मत तो कर.
ख्वाब बदलेंगे हकीकत में, तू जरा कोशिश तो कर.
आंधियां सदा चलती नहीं, मुश्किलें सदा रहती नहीं.
मिलेंगी तुझे मंजिलें तेरी, बस तू जरा कोशिश तो कर.
राह संघर्ष की जो चलता है, वो ही संसार को बदलता है.
जिसने रातों से जंग जीती है, सूर्य बन कर वही निकलता है.
बस तू जरा कोशिश तो कर.
| Aug 14, 2016 | मस्त विचार
छोटी- छोटी बातों में खुशियाँ ढूंढें. हर वक्त
” तुम रूठे रहो मैं मनाता रहूँ ” के सहारे जिंदगी नहीं चलती.
| Aug 13, 2016 | मस्त विचार
एक ख़्वाब ही था जिसने साथ ना छोड़ा..
हक़ीक़त तो बदलती रही हालातो के साथ..