मस्त विचार 1159

रिश्ता, दोस्ती और प्रेम उसी के साथ रखना,

जो तुम्हारी हंसी के पीछे का दर्द,

गुस्से के पीछे का प्यार,

और मौन के पीछे की वजह समझ सके.

मस्त विचार 1158

उड़ चल रे मन, कर ले उन सपनों को पूरा

बुने थे जो तूने कभी.

मत देख आसमां को, बंद कमरे की खिड़की से.

चल, बाहर निकल और देख खुले आसमां को,

तोड़ दे सीमाओं की जंजीरों को,

चल निकल, कर ले कुछ स्वप्न तो पूरे.

न लड़ इच्छाओं से, बस लड़ ले बाधाओं से.

आगे बढ़, बढ़ता चल, बढ़ता चल.

उनको आज़ाद कराना मुश्किल है,

_ जो अपनी जंजीरों की इज़्ज़त करते हैं.

मस्त विचार 1157

उम्मीद नहीं होती जिसकी, वो भी मिल जाता है.

मुर्झा गया हो जो, वो फूल भी खिल जाता है.

बात करते हो तकदीर से ज्यादा न मिलने की,

तेरी रजा हो तो, बिना तकदीर भी मिल जाता है.

मस्त विचार 1155

क्या है उससे अपना नाता ?

मन के अँधेरे को तू है मिटाता, ज्ञान के प्रकाश को है बिछाता.

प्रेम की पुलक को है बढ़ाता, भटकों को सन्मार्ग दिखाता.

रोते मन को रोज हंसाता, मृत जीवन में साँस चलाता.

दुखियों के दुःख दर्द मिटाता, सदाचार का पाठ पढाता.

क्या है उससे अपना नाता ?

मस्त विचार 1154

चलो जिंदगी को जिंदादिली से जीने के लिये एक छोटा सा उसूल बनाते हैं,

रोज कुछ अच्छा याद रखते हैं और कुछ बुरा भूल जाते हैं .

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