मस्त विचार 1022

कोई नही देगा साथ तेरा यहॉं,

हर कोई यहॉं खुद ही में मशगुल है.

जिंदगी का बस एक ही ऊसुल है यहॉं,

तुझे गिरना भी खुद है और सम्हलना भी खुद है..

मस्त विचार 1020

हार नहीं मानूँगा मै.

काली गहरी रातों में, उबड़- खाबड़ रास्तों में

साथ कोई हो, न हो,परवाह नहीं

अकेला ही चलता जाऊँगा.

फूल मिले या काँटे मुझे राहों में

याद दिलाते रहे मुझे जो, मेरी मंजिल के सपने

राह चलते चूक भी गया तो ग़म कैसा.

अपनी ही लड़ाई से भय कैसा.

आज नहीं तो कल जीत ही जाऊँगा

हार नहीं मानूँगा मै.

मस्त विचार 1018

दाम ऊंचे हो सकते हैं, ख़्वाहिशों के…..मगर ख़ुशियां, हरगिज़ महंगी नही होती.
कोई तुमसे ख़ुशियां मांगे तो दे दो, और जब तुम्हें वो चाहिए तो मांग लो ; _ पर मांग वही सकता है, जो देना जानता है.

_ मैं दिल खोलकर ख़ुशियां बाँटता हूं और मुंह खोलकर मांगता हूं..!!

मस्त विचार 1017

सामने हो मंजिल तो रास्ते न मोड़ना,

जो मन मे हो वह ख्वाब मत तोडना,

हर कदम पर मिलेगी कामयाबी,

सितारे छूने पर कभी जमीन न छोड़ना.

error: Content is protected