मस्त विचार 1022
हर कोई यहॉं खुद ही में मशगुल है.
जिंदगी का बस एक ही ऊसुल है यहॉं,
तुझे गिरना भी खुद है और सम्हलना भी खुद है..
हर कोई यहॉं खुद ही में मशगुल है.
जिंदगी का बस एक ही ऊसुल है यहॉं,
तुझे गिरना भी खुद है और सम्हलना भी खुद है..
बदले में वह भी अच्छा बर्ताव ही करते हैं.
काली गहरी रातों में, उबड़- खाबड़ रास्तों में
साथ कोई हो, न हो,परवाह नहीं
अकेला ही चलता जाऊँगा.
फूल मिले या काँटे मुझे राहों में
याद दिलाते रहे मुझे जो, मेरी मंजिल के सपने
राह चलते चूक भी गया तो ग़म कैसा.
अपनी ही लड़ाई से भय कैसा.
आज नहीं तो कल जीत ही जाऊँगा
हार नहीं मानूँगा मै.
लेकिन कभी न ढूँढ़ना, अंधियारे की राह.
_ मैं दिल खोलकर ख़ुशियां बाँटता हूं और मुंह खोलकर मांगता हूं..!!
जो मन मे हो वह ख्वाब मत तोडना,
हर कदम पर मिलेगी कामयाबी,
सितारे छूने पर कभी जमीन न छोड़ना.