मस्त विचार 1135
ऊँचे नीचे रास्ते और मन्ज़िल तेरी दूर,
राह में राही रुक न जाना होकर तू मजबूर.
राह में राही रुक न जाना होकर तू मजबूर.
न करना हो तो बहाने हजार हैं.
जिसको रुकना है कहीं सर पे छांव कर लेगा.
जिन्दगी बेमिसाल करियेगा.
ये वक़्त है जनाब, चेहरे याद रखता है.
कोशिश भी हमारी होनी चाहिए……… यात्रा हमारी है तो रास्ता भी हमे ही चुनना चाहिए…….
नसीब को और दूसरों को दोष क्यूँ देना…..