मस्त विचार 1145
हर व्यक्ति मुझसे किसी न किसी बात में बेहतर होता है,
और मैं उसी से वही बात सीख लेता हूँ.
और मैं उसी से वही बात सीख लेता हूँ.
लेकिन
अपनी सोच को थोड़ा बदल कर, उस दुःख को कम जरुर कर सकता हूँ.
जबकि हमें चलना है अपने ही पैरों पर…..
भंवरों की तरह गुनगुनाते रहिए.
चुप रहने से रिश्ते भी उदास हो जाते हैं,
कुछ उनकी सुनिए कुछ अपनी सुनाते रहिए.
भूल जाइए शिकवे शिकायतों के पलों को,
और…छोटी छोटी खुशियों के मोती लुटाते रहिए.
खुद कैसे हो कभी भूल कर भी नहीं सोचा.??
काश कोई मुझे भूलने की भी दवा बता देता.