मस्त विचार 1117
लोग तो बेवजह ही खरीदते हैं आईने,
आंख बंद करके भी अपनी हकीकत जानी जा सकती हैं.
आंख बंद करके भी अपनी हकीकत जानी जा सकती हैं.
जिसमे इन्सान को इन्सान बनाया जाये.
पर जब आप दूसरों के लिए जीना सीख लेते हैं
तो वे आपके लिए जीते हैं.
मंज़िलों की फितरत है; खुद चलकर नहीं आती.
वो मंजिलों के उजालों को पा नहीं सकते.
पर जो हम देते हैं उससे हम जीवन बनाते हैं.