मस्त विचार 993

यूँ तो अकेले अक्सर गिर कर संभल सकता हूँ मैं ….

तुम जो पकड़ लो हाथ मेरा, दुनिया बदल सकता हूँ मैं …..

मस्त विचार 990

लगता था ज़िन्दगी को बदलने में वक़्त लगेगा,

पर क्या पता था बदलता हुआ वक़्त ज़िन्दगी बदल देगा.

मस्त विचार 988

ज़िन्दगी से मत झगड़.

हो सके तो तू भी, वक़्त के साथ बदल.

गुजर गया जो उस पर आंसू ना बहा.

बदल सको तो अपने आने वाला कल बदल.

अहसास, उम्मीदें और सपने, सब हैं तेरे.

निकल सको तो अपने ख़्वाबों की नई डगर पर निकल.

आएँगी मुश्किलें राहों में, मै कह देता हूँ.

पर मान कर मेरी बात, तू अपना रास्ता बदल.

ज़िन्दगी से मत झगड़.

हो सके तो तू भी, वक़्त के साथ बदल.

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