मस्त विचार 927
वर्ना इतना रौशन मेरा घर कब था.
वर्ना इतना रौशन मेरा घर कब था.
या तो दिल के, या तो आँखों के…….
बरस बीते महीनो में, दिन निकल जाते हैं यूँ ही, जिंदगी बदल जाती हैं पलों में लोग आते हैं, चले जाते हैं, किस्से यहीं रह जाते हैं, किस्सा प्यार का, किस्सा तकरार का, किस्से उम्मीदों के, किस्से नाउम्मीदों के, कोई हमसे दूर चला गया, कोई आकर हमसे जुड़ गया, कुछ बात आपकी लग गयी, कुछ मुझसे खता हो गयी, मीठी यादों को समेट लो, कड़वे किस्से छोड़ दो, अहसास करो रिश्तो को, दोस्ती के गुलदस्तों को, साथ ले लोगे तो राहें आसान हो जायेगीं मुँह मोड़ लोगे तो रास्ते मुश्किल, हाथ बढ़ाते चलो, कारवां बन जाएगा, दोस्तों का साथ पाकर, हो जाएगा आसान, जिंदगी का सफर, अपनों को अपने पास पाकर… Pk
हर दिन खूबसूरत हो, ऐसा ही पूरा जीवन हो.
दिल में बसाओ आने वाला कल हंसो और हंसाओ, चाहे जो भी हो पल खुशियाँ लेकर आएगा आने वाला कल.
जिसमे जहाँ मिलता है………