मस्त विचार 4468

लोगों की नज़रों में फर्क अब भी नहीं है,….

पहले मुड़ कर देखते थे..,अब देख कर मुड़ जाते हैं ।

मस्त विचार 4465

आईना हूं तेरा, क्यूं इतना कतरा रहे हो.

_ सच ही कहूंगा, क्यूं इतना घबरा रहे हो.!!

अगर कोई अपना हो तो आईने जैसा हो _ जो हँसे भी साथ और रोये भी साथ..
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