मस्त विचार 892
क्योंकि उन्हें अच्छाइयों कि दिव्यता का,
ना तो ज्ञान होता है और ना अनुभव.
क्योंकि उन्हें अच्छाइयों कि दिव्यता का,
ना तो ज्ञान होता है और ना अनुभव.
दुनिया का चेहरा, बड़ी गहराई से दिखलाया है. एक- एक रिश्ते की अहमियत को, बड़े प्यार से समझाया है. रिश्तों की असलियत दिखा कर, उस ने अपना प्यार मेरे मन में जगाया है. हर रस्ते पे उस ने मेरा हाथ पकड़ा, और मुझे तूफानों से बचाया है. क्या गुण गाऊं उस के, जिस ने मुझ जैसे को भी गले लगाया है. मैंने यार ऎसा पाया है, जिस ने मुझे जीना सिखाया है.
सामजिक रिश्ते और मानवता का नाता. इन चार कैटेगरी में सारे रिश्ते आ जाते हैं और इन्ही के इर्दगिर्द हम जीवन गुजार लेते हैं.
दुख उठ कर चला जाता है कहीं, उदासी घुल जाती है ख़ुशी की रोशनी में. खाली खाली सा मेरा मन भर उठता है खुशी से. तुम्हारे आते ही बदल जाता है सब कुछ.
जब आप मेरे बारे में सब कुछ जानते हों. तब तक नहीं, जब किसी से सुना हो.
ये बरसात तो सबके लिए होती है, लेकिन ऐ मेरे यार ये आँखें,
सिर्फ तुम्हारे लिए रोती हैं.