मस्त विचार 1084
उस जैसा दुखी कोई नहीं,
जो चाहता सबकुछ है, करता कुछ भी नहीं.
जो चाहता सबकुछ है, करता कुछ भी नहीं.
जो भी मिला समझकर चला गया.
दर्द जब मुझको ही सहना है तो तमाशा क्यों करना.
इसीलिए नहीं कि वो माफ़ी के लायक हैं..,
पर ये आपके अपने मन की *शान्ति* के लिए ज़रूरी है.
ज़िंदगी मेरी है तो फिर मर्जी तेरी क्यूँ..
रास्ता खुद ब खुद दिखाती है !!!