मस्त विचार 992
किससे करें शिकायत,ख़ुद ही बदल गई ज़िन्दगी……
किससे करें शिकायत,ख़ुद ही बदल गई ज़िन्दगी……
तब जा के चढ़ा हूँ मै लोगों की निगाहों में.
पर क्या पता था बदलता हुआ वक़्त ज़िन्दगी बदल देगा.
उम्र के साथ जिंदगी को ढंग बदलते देखा है…
हो सके तो तू भी, वक़्त के साथ बदल. गुजर गया जो उस पर आंसू ना बहा. बदल सको तो अपने आने वाला कल बदल. अहसास, उम्मीदें और सपने, सब हैं तेरे. निकल सको तो अपने ख़्वाबों की नई डगर पर निकल. आएँगी मुश्किलें राहों में, मै कह देता हूँ. पर मान कर मेरी बात, तू अपना रास्ता बदल. ज़िन्दगी से मत झगड़. हो सके तो तू भी, वक़्त के साथ बदल.
धीरे धीरे हर चेहरे पे से नकाब हटा रही है.