मस्त विचार 1014

तेरे साथ रहे तो जीना सीख गए,

थोड़ा सुर लगाया तो तराना सीख गए,

अपनी तो जिंदगी मस्त न थी,

मस्त तब हुई जब तुमसे जीना सीख गए.

मस्त विचार 1011

जितनी जल्दी अपनी ज़िन्दगी से हम समझौता कर लेते है,

उतनी जल्दी सही ज़िन्दगी जीना भी सीख जाते हैं.

मस्त विचार 1010

नदी में पानी मीठा रहता है, क्योंकि वो देती रहती है.

सागर का पानी खारा रहता है, क्योंकि वो लेता रहता है.

नाले का पानी दुर्गन्ध पैदा करता है, क्योंकि वो रुका रहता है.

अपना जीवन भी वैसा ही है,

देते रहेंगे तो मीठे लगेंगे, लेते रहेंगे तो खारे लगेंगे.


 

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